थारू जनजाति के बारे में 22 रोचक बाते | Tharu janjati in hindi

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थारू जनजाति के बारे में 22 रोचक बाते | Tharu janjati in hindi

1. थारू जनजाति उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में उधम सिंह नगर के खटीमा ,किच्छा, नानकमत्ता, सितारगंज के 141 गांव में निवास करने वाली जनजाति है।

 

2. थारू जनजाति जनसंख्या की दृष्टि से उत्तराखंड कुमाऊं क्षेत्र का सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय है ।

 

3. आपको बता दें कि थारूओ को किरात वंश का माना जाता है जो कही जातियो उप जातियों में विभाजित है कहा जाता है की थारू शब्द की उत्पत्ति राजस्थान की थार मरुस्थल में बसने वाले लोगों के कारण पड़ा है।

 

4. थारूओ का प्रमुख त्यौहार बजहर है जो ज्येष्ठ और बैशाक के दिन मनाया जाता है यह दीपावली को शोक पर्व के रूप में मनाते हैं ।

 

5. थारू लोग हिंदू धर्म को मानते हैं यह भूमिया, कारोदेव , रकात , काली आदि देवी-देवताओं की पूजा करते है कुछ देवताओं को यह बकरा मुर्गा सूअर और शराब आदि चढ़ाते हैं।

 

6. इनका मुख्य भोजन चावल और मछली होता है यह मछली और चावल के अलावा दाल, दूध ,दही ,मांस, अंडे का भी प्रयोग करते है।

 

7. उत्तराखंड में मुख्य रूप से जौनसारी ,थारू, भोटिया ,बुक्सा एवं राजी जनजाति निवास करती है जिन्हें 1967 में अनुसूचित जनजाति घोषित किया गया था ।

 

8. विवाह की सगाई रस्म को इसमें “अपना पराया” कहा जाता है सगाई के बाद और विवाह के लगभग 10 15 दिन पहले लड़के पक्ष के लोग लड़की के घर जाते हैं विवाह की तिथि निर्धारित करते हैं जिसे “बात कट्टी” कहा जाता है।

 

9. थारू लोग कद में छोटे और चौड़ी मुखाकृति तथा समतल नासिका वाले लोग होते हैं जो कि मंगल प्रजाति के अत्यधिक निकट होते हैं इनमें पुरुषों की तुलना में स्त्रीया अत्यधिक सुंदर होती है ।

 

10. इनमे पुरुष हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में बड़ी चोटी रखते हैं तथा ये लंगोटी ,कुर्ता, टोपी, पहनते हैं जबकि स्त्रीया रंगीन लहंगा और काली ओढ़नी पहनती है ।

Tharu janjati in hindi 11- 22

11. थारू उत्तराखंड के आंवला नेपाल और भारत के सीमावर्ती तराई क्षेत्र में पायी जाने वाली एक जनजाति है। नेपाल की सकल जनसंख्या का लगभग 6.6% लोग थारू हैं।

 

12. उत्तर प्रदेश सरकार नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा में स्थित थारू जनजातीय लोगों के गाँवों को जोड़ने की योजना बना रही है। जिसका नाम होमस्टे योजना है जिसके तहत उत्तर प्रदेश वन विभाग पर्यटकों को थारू जनजातीय लोगों के प्राकृतिक आवास में रहने का अनुभव प्रदान करेगा।

 

13. थारुओ का निवास समुदाय शिवालिक या निम्न हिमालय की पर्वत शृंखला के बीच तराई क्षेत्र में स्तिथ है।

 

14. थारू समुदाय को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों में एक अनुसूचित जनजाति के रूप में चिह्नित किया गया है।

 

15. नैनीताल और लखीमपुर क्षेत्र में रहने वाले थारू जनजाति के लोग कूद को राणा कहते हैं वे खुद को चित्तौड़ के राणाओं के वंशज होने का दावा करते हैं।

 

16. थारू जनजाति में मोंगोलॉइड आत्मीयता है। वे मांस खाने वाले हैं और शराब के भी शौकीन होते है । थारू समाज पितृसत्तात्मक है। महिलाएँ एक प्रमुख भूमिका निभाती हैं। वे संयुक्त परिवार प्रणाली को पसंद करते हैं।

 

17. इनका मुख्य व्यवसाय कृषि कार्य करते हैं और ये जौ, गेहूं, मक्का और चावल आदि फसलों का उत्पादन करते हैं ये लोग जानवरों को पालने का भी शौक रखते है ।

 

18. इस जनजाति में मुख्यता एक पत्नी प्रथा का प्रचलित है लेकिन आवश्यकता अनुसार बहुपति प्रथा भी प्रचलित हो सकती है। . यह मुख्यता धान की खेती करते हैं कुमाऊं तराई क्षेत्र के थारू स्थानीय कृषक पशु पालक व आखेटक होते हैं ।

 

20. थारू जनजाति में महिलाओं को पुरुष की अपेक्षा उचित स्थान प्राप्त होता है इसी कारण कहीं परिवारों में पुरुष को रसोई घर में जाने की अनुमति नहीं है।. यह मुख्यता धान की खेती करते हैं कुमाऊं तराई क्षेत्र के थारू स्थानीय कृषक पशु पालक व आखेटक होते हैं ।

21. ये लोग अपना मकान बनाने के लिए लकड़ी वह नरकुल का प्रयोग करते हैं दीवारों पर चित्रकारी करते है प्रत्येक घर में एक पशुवाड़ा होता है घर के सामने एक छोटा सा पूजा स्थल होता है ।

 

22. विवाह के दो या तीन महीने बाद चेत्र या वैशाख महीने में लड़की स्थानीय रूप से अपने पति के घर जाती है इस रस्म को थारू में “चाला” कहा जाता है।

 

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